वो अपने क़द से ही नहीं बल्कि रुतबे में बड़ा होता है।
इसलिए बड़ा भाई हमेशा हर मर्तबे में बड़ा होता है।।
इनका नाम तबरेज़ अहमद है। ये 8 वर्षों से लेखन कर रहे हैं। ये पेशे से फैशन डिज़ाइनर हैं और बदरपुर, नई दिल्ली के निवासी हैं। इनको ग़ज़ल और कविता लिखना पसंद है। इनकी कई कविताएँ अब तक प्रकाशित हो चुकी हैं।
प्रकाशित कृतियाँ~
"साहित्य एक नज़र कोलकाता से" के अलावा विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।
प्राप्त साहित्यिक सम्मान व पुरस्कार~
अंतर्राष्ट्रीय मित्र मंडल जबलपुर, अमृत सूर सम्मान, उत्तम सृजन सम्मान, काव्य भूषण सम्मान, सृजन सम्मान के अलावा दर्जनों साहित्यिक सम्मान से सम्मानित व पुरस्कृत।
व्यक्तिगत विवरण~
संपर्क विवरण~
पत्राचार: बदरपुर (नई दिल्ली)
ई-मेल: tabrezalam171994@gmail.com