डॉ. ऋषिका वर्मा

साहित्यिक परिचय

डॉ. ऋषिका वर्मा एक प्रसिद्ध विदुषी, शिक्षाविद्, धर्म-दर्शन की अध्येता तथा शोधकर्ता हैं। वे हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर (गढ़वाल), उत्तराखंड के दर्शनशास्त्र विभाग में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।

उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा—बी.ए., एम.ए., पीएच.डी. एवं पीडीएफबनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी से पूर्ण की है।

डॉ. वर्मा ने संस्कृत, बंगाली, रूसी एवं तमिल जैसी कई भाषाओं में डिप्लोमा प्राप्त किया है। वे बीएचयू में धर्म-दर्शन विषय पाँच वर्षों तक अध्यापन कर चुकी हैं। साथ ही आर्य महिला पी.जी. कॉलेज, वाराणसी में बी.ए. छात्रों को दो वर्षों तक योग की शिक्षा भी दी है।

शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय है— 23 से अधिक शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं, वे तीन विषयों में UGC–NET उत्तीर्ण कर चुकी हैं तथा 34 से अधिक सम्मेलनों में शोध प्रस्तुत कर चुकी हैं।

उनकी एक प्रमुख पुस्तक “योग के विभिन्न आयाम” प्रकाशित है (rishikaverma.com)। इसके अतिरिक्त साहित्य एवं शोध के क्षेत्र में उन्होंने पाँच पुस्तकें लिखी हैं।

प्राप्त सम्मान~

डॉ. ऋषिका वर्मा एक बहुमुखी शिक्षाविद्, दार्शनिक, योग प्रशिक्षक एवं साहित्यकार हैं। उनका योगदान न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता प्राप्त है।

दर्शन, योग, भाषा-शोध एवं साहित्य के क्षेत्र में उनकी गहन रुचि, सक्रिय अनुसंधान एवं उच्च शिक्षण अनुभव ने उन्हें एक विशिष्ट स्थान प्रदान किया है।