पुष्पा त्रिपाठी

लेखिका, कवयित्री, साहित्यकार एवं शिक्षिका के रूप में पुष्पा त्रिपाठी जी साहित्य जगत में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं।

इसके अतिरिक्त अनेक महत्वपूर्ण साहित्यिक समारोहों में आपको उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित किया जा चुका है। ये सम्मान एवं पुरस्कार राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर प्रदान किए गए हैं।

आपने आबूधाबी यूनिवर्सिटी (दुबई ब्रांच), टोक्यो यूनिवर्सिटी, जापान तथा थाईलैंड जैसी विदेशी धरती पर अपने शोध आलेख प्रस्तुत किए हैं।

पुष्पा त्रिपाठी जी की अब तक सात पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें पाँच कविता संग्रह एवं दो ऐतिहासिक कृतियाँ शामिल हैं।

कविता संग्रह “भाषा सहोदरी - 3” में आपने संपादक की भूमिका भी निभाई, जो साहित्य जगत में विशेष चर्चा का विषय रहा।

भारत की महिला उद्यमी से संबंधित 2025 में प्रकाशित पुस्तक “अग्रणी” के लिए आपने को-अप्लीकेन्ट की भूमिका निभाई, जिसके अंतर्गत आपको “यूनीक वर्ल्ड रिकॉर्ड” का सम्मान एवं पहचान पत्र भी प्राप्त हुआ है।