राजस्थान के चूरू ज़िले में जन्मी स्वर्गीय मांगीलाल जी एवं गुलाब देवी कोठारी की सुपौत्री, स्वर्गीय हुकुमचंद जी एवं धनवती कोठारी की सुपुत्री तथा स्वर्गीय किशनजी एवं रामेश्वरी देवी लढा, असम की पुत्रवधू मधु माहेश्वरी राजनीति शास्त्र में M.A. एवं B.Ed. होने के साथ-साथ माहेश्वरी समाज द्वारा “पूर्वोत्तर के गौरव” सम्मान से सम्मानित की जा चुकी हैं।
साहित्यिक यात्रा
आपकी साहित्यिक यात्रा की शुरुआत सन् 1973 में अमर उजाला में फीचर लेखन से हुई। 1975 में आपकी पहली रेडियो वार्ता AIR रामपुर (उ.प्र.) से प्रसारित हुई।
HMV के EP रिकॉर्ड “Reflections” हेतु आपने दो गाने लिखे। स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय अख़बारों एवं पत्र-पत्रिकाओं में आपकी रचनाएँ निरंतर प्रकाशित होती रही हैं।
श्रीमंत शंकरदेव की जीवनगाथा (2011) में आपने सह-लेखन किया।
आपने प्रसार-भारती में उद्घोषिका, वार्ताकार, इंटरव्यूअर, अनुवादक, स्क्रिप्ट-लेखक, टीवी-एंकर, वॉइस ओवर तथा विज्ञापन से जुड़े कार्य किए। इसके अतिरिक्त “राभा की आभा” फ़िल्म का नैरेशन भी आपने किया।
गुवाहाटी से प्रकाशित हिंदी दैनिक ‘सेंटिनल’ के लिए आपने तीन वर्षों तक लगातार अरुण शौरी (राज्यसभा सांसद) के अंग्रेज़ी आलेखों का हिंदी में अनुवाद किया।
कई सामाजिक संगठनों में पदभार संभालने के साथ-साथ अनेक सामाजिक मुखपत्रों का संपादन भी आपने किया है।
“राजस्थान गौरव” सहित अनेक सम्मानों से आपको सम्मानित किया जा चुका है।
आपका प्रथम एकल काव्य-संग्रह ‘अंजुम’ पाठकों के स्नेह और आशीर्वाद की प्रतीक्षा में है।