नरेंद्र सिंह राजपुरोहित-आऊवा, Techraffia LLP के संस्थापक निदेशक होने के साथ-साथ हिंदी साहित्य और इतिहास के गंभीर अध्येता हैं। बचपन से ही उन्हें भारतीय इतिहास, विशेषकर मेवाड़ की वीर परंपरा और साहित्यिक सृजन में गहरी रुचि रही है।
उनकी शोध-रुचि और चिंतन का परिणाम है उनकी प्रेरणादायी कृति “सूर्यवंशी – मेवाड़ महाकाव्य”, जो मेवाड़ के स्वाभिमान, संस्कृति और वीरता की गौरवगाथा को व्यापक रूप से पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करती है।
उनका प्रयास सदैव यही रहा है कि इतिहास के गौरवपूर्ण क्षणों को साहित्यिक रूप से संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए। साहित्य और संस्कृति की इस साधना में वे निरंतर सक्रिय हैं।