वास्तविक नाम: त्रिशिका श्रीवास्तव
साहित्यिक उपनाम: धरा
जन्म: 1 सितम्बर 2002 — कानपुर, उत्तर प्रदेश
पेशा: शिक्षिका
धर्म: हिंदू | जाति: कायस्थ
भाषा: हिंदी, उर्दू, ब्रजभाषा एवं मारवाड़ी
इष्ट देव: भगवान शिव
घर का प्रेमपूर्ण नाम: शिवा
जन्मदाता माता–पिता
स्व. श्री कृष्ण कुमार श्रीवास्तव एवं श्रीमती सुनीता श्रीवास्तव
पालन-पोषण एवं संस्कारदाता माता–पिता
स्व. श्री अरुण प्रकाश सिन्हा एवं श्रीमती अनीता सिन्हा
भक्तिपूर्वक की गई शिव-आराधना और वर्षों की मन्नतों के उपरांत जन्म लेने के कारण परिवार में इन्हें प्रेम
से “शिवा” कहा गया — यह नाम इनके आध्यात्मिक व्यक्तित्व और लेखन में भगवान शिव के प्रति अगाध श्रद्धा का
प्रतीक है।
शिक्षा
- प्रारम्भिक शिक्षा — मॉडर्न एरा हायर सेकेंडरी स्कूल, कानपुर
- माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा — कैलाश सरस्वती इंटर कॉलेज, कानपुर
- स्नातक — डी.ए.वी. कॉलेज (सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय)
- वर्तमान — एम.ए. (हिंदी साहित्य)
- परास्नातक — डी.ए.वी. कॉलेज, कानपुर (सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय)
साहित्यिक यात्रा
हिंदी–उर्दू साहित्य में 11 वर्षों से सक्रिय।
विधा: ग़ज़ल, मुक्तक, कविता, लेख और कहानी
प्रकाशित पुस्तकें
- इब्तिदा-ए-ग़ज़ल — ग़ज़ल संग्रह (2023)
- हमने वियोग चुन लिया — उपन्यास (2025)
सम्मान एवं पुरस्कार (चयनित)
- युवा गीतकार पुरस्कार (2023)
- प्रिंस जी काव्य रत्न पुरस्कार (2023)
- अवध के शायर सम्मान (2024)
- हिंदी गौरव सम्मान (2025)
- अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती साहित्य सम्मान (2025)
(कुल 10 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मान)
रुचियाँ
- उपन्यास पढ़ना
- गीत-संगीत व बांसुरी वादन
- प्रकृति और यात्रा
- ध्यान (Meditation)
- डायरी लेखन