“निखरे यूँ कि अब बिखरना नहीं आता
लहरों से कह दो, अब किसी और का पता ढूँढे़”
पूजा पाण्डेय एक लेखिका और कलाकार हैं। उनका निवास स्थान अयोध्या (उत्तर प्रदेश) में स्थित है। वह पाठक के जीवन को एक अर्थ में जोड़ने के इरादे से जीवन, अनुभवों और सकारात्मकता पर कविताएँ लिखती हैं।
नारी तेरे रूप अनेक, मदर्स डे, चाँद छुपा बादल में, सपना, हयात, बहता मन सहित 50 से अधिक पुस्तकों में सह-लेखिका।