निशा अग्रवाल दिल्ली की रहने वाली एक छात्रा हैं, जो वर्तमान में सीए की पढ़ाई कर रही हैं। पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें लिखना बेहद पसंद है और अपने विचारों को शब्दों में ढालना उन्हें आत्मिक संतोष देता है। वे शांत स्वभाव की हैं और नई-नई चीज़ें सीखने में सदैव रुचि रखती हैं। जीवन में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहती हैं।
लगभग दो वर्षों से निशा वैदिक प्रकाशन के साथ जुड़ी हुई हैं। इस अवधि में उनकी कविताएँ कई संकलित पुस्तकों में प्रकाशित हो चुकी हैं।
हाल ही में निशा की पहली एकल पुस्तक “रूह के रंग” का प्रकाशन वैदिक प्रकाशन के माध्यम से हुआ है, जो उनके साहित्यिक सफ़र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।