निवास: लुधियाना
डॉ. अर्चना शर्मा रसायन विज्ञान में PhD करने के उपरांत 11 वर्षों तक अध्यापिका के रूप में कार्यरत रहीं। वर्तमान समय में वे बिक्री प्रबंधक, प्रभावक एवं लेखिका के रूप में सामाजिक योगदान दे रही हैं। उन्हें लेखन में विशेष रुचि है तथा नवीन चीज़ें सीखने का शौक़ है।
डॉ. अर्चना लगभग एक वर्ष से वैदिक प्रकाशन से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उनकी अनेक कविताएँ विभिन्न संकलित पुस्तकों में प्रकाशित हो चुकी हैं।
वैदिक प्रकाशन के निरंतर उत्साहवर्धन के कारण ही डॉ. अर्चना इतनी रचनाओं का सृजन कर पाईं। वे इस मंच के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करती हैं, क्योंकि इसी मंच ने उनकी छुपी हुई लेखन प्रतिभा को पहचान दिलाई और अपने विचारों को लेखनी के माध्यम से अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता प्रदान की।