संबल बनाए रखा कुछ यूँ,
लाख टूटने के बाद भी टुकड़ों में बिखरे नहीं।
आत्म-सम्मान के गहने से ख़ुद को सजाया कुछ यूँ,
सादगी से महँगे किसी पोशाक की ख़्वाहिश नहीं।
नाम: पूनम शर्मा
जन्म: 1 जनवरी 1989
जन्म-स्थान: रीवा, मध्य प्रदेश
पूनम शर्मा एक प्रतिभाशाली लेखिका हैं। जीवन से जुड़े हर पहलुओं पर पढ़ने की रुचि और अपने अनुभवों से सीखने की क्षमता ने बचपन से ही उनके भीतर लेखन के प्रति गहरा जुनून विकसित किया।
वे अपनी कहानियों के माध्यम से लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करने का प्रयास करती हैं। उनकी रचनाएँ प्रेम, त्याग और संघर्ष जैसे विषयों को केंद्र में रखती हैं, जो पाठकों को प्रेरित और सशक्त बनाती हैं।
उनकी लेखनी में एक अनोखा भावनात्मक स्पर्श है, जो पाठकों को उनकी कहानियों से गहराई से जोड़ता है और आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करता है।