संजय शर्मा
- जन्म: पुण्य तीर्थ क्षेत्र, तहसील बाह, आगरा, उत्तर प्रदेश
- वर्तमान निवास: पुरानी बस्ती, चिड़ावा, झुन्झुनू, राजस्थान
- शिक्षा: एम.ए. (अंग्रेजी, हिन्दी, संस्कृत, राजनीति विज्ञान), एम.एड.
- कार्य: वरिष्ठ अध्यापक (अंग्रेजी) एवं मास्टर ट्रेनर (M.T.), K.R.P. प्रशिक्षक
- अनुभव:
- 30 वर्षों से गद्य-पद्य, कविताएँ, नाटक लेखन
- काव्य गोष्ठी व सम्मेलन में पठन
- विद्यालयी पत्रिकाओं के प्रधान सम्पादक
- सामाजिक‑उपखंड स्तर पर प्रखर वक्ता एवं एंकर
- क्रियात्मक अनुसंधान (डर्फ) में कई शोध प्रबंध
- आध्यात्मिक रुचि, ज्योतिषीय परामर्श, जनकल्याण कार्यों में सक्रिय
- प्रकाशित कृतियाँ:
- सप्तरंगी पुष्पांजलि (काव्य)
- योगिराज की यात्रा (योग)
- मन के मोती (काव्य)
- यवनिका के किरदार (नाट्य संग्रह) – वैदिक प्रकाशन, जिसमें 10 लघु नाटक
- अन्य संग्रह: स्वाति, काव्य रश्मियां (साझा), कई पुस्तकें प्रकाशनाधीन
- संपादकीय और प्रकाशन: विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लेख, प्रलेख व कविताएँ नियमित
प्रकाशित
- सम्मान एवं योगदान: कवि सम्मेलनों व मंचों में सम्मानित, सामाजिक संस्थाओं में
पदाधिकारी
- विशेष कौशल: मंच संचालन में कुशल, पाठकों को विविध स्वाद व सुगंध प्रदान करने वाले
नाटकों के लिए प्रसिद्ध