लेखिका व कवयित्री माधुरी सिंह जी पटना, बिहार से हैं। उनका जन्म स्थान फरीदाबाद, हरियाणा है।
वे स्वर्गीय राम प्रसाद वर्मा एवं माता रमुना देवी की संतान हैं तथा उज्जवल सिंह जी की पत्नी हैं।
साहित्यिक सफर में इन्होंने अपने माता-पिता को आदर्श मानते हुए उन्हें ही अपना गुरु स्वीकार किया है। विगत 15 वर्षों से ये निरंतर काव्य एवं लेखन कार्य कर रही हैं।
इनकी प्रकाशित पुस्तकें हैं – किस्मत का इंतजार, मातृ दिवस, भारत की नारी, प्रेम शाश्वत, पीहर और बेटियां, आधुनिक नारी आदि।
इसके अतिरिक्त इन्होंने साझा संकलन एवं सह-लेखिका के रूप में प्रेम और कर्तव्य, अखंड सुहाग, प्रेम मंदाकिनी, पिता की यादें, पर्यावरण, ज़िंदगी के रंग हजार जैसी अनेक पुस्तकों में अपनी रचनात्मक भागीदारी दी है।
माधुरी सिंह जी एक शिक्षिका होने के साथ-साथ चित्रकारी कलाकार भी हैं, जिसमें उन्हें स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया है।
इन्होंने अपनी शिक्षा M.Ed एवं M.Sc तक पूर्ण की है तथा आगे भी शिक्षा निरंतर जारी है।
अपने सतत प्रयास, परिश्रम और समर्पण के बल पर वे निरंतर आगे बढ़ रही हैं और साहित्य जगत में भविष्य में और ऊँचाइयाँ प्राप्त करने के लिए प्रयत्नशील हैं।